जारा नगर निमिष एक माही, एक विभीषन कर गृह नाहीं ॥ हनुमान ने फूंक डाली रावण की लंका।
खबर उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली से है। नबावगंज के मेले में हनुमान जी ने रावण की लंका का किया दहन।
नवाबगंज । सीता मैया की सुध लेने गए रामभक्त हनुमान ने अशोक वाटिका में फल खाते समय विरोध करने पर रखवालो का संहार कर दिया । पे समाचार मिलते ही रावण ने ये कहते हुए कि उत्पाती वानर को पकड़ कर लाओ,अपने पुत्र इन्द्रजित मेघनाथ को भेजा । जिस पर पहुंचे मेघनाथ ने उन पर ब्रहमफांस से वार कर दिया और ब्रहमफांस का सम्मान करते हए हनुमान फांस में बंध गए । जब ब्रहमफांस में फंसे हनुमान को रावण के पास ले जाया गया तो उसने अपने सेना के जवानो को उन्हें मारने का आदेश दिया तो राज्यसभा में पहुंचे विभीषण ने कहा कि दूत को मारना न्यायसंगत नहीं है । इस पर समापतियो की सलाह पर हनुमान की पूंछ में आग लगाकर अंग भंग करने का निर्णय लिया गया और हनुमान की पूंछ मे कपड़े बांध व तेल डाल कर आग लगा दी गई । इसके बाद हनुमान ने कूद फांद कर सारी लंका फूंक डाली और एक विभीषण का घर छोड़ कर सारी लंका जलकर राख हो गई । नगर की रामलीला में विशेष आतिशबाजी के साथ लंका दहन की लीला का मंचन किया गया ।
कल शुक्रवार को अंगद रावण संवाद की लीला होगी ।
Ahn media Bareilly रिपोर्ट शैलेन्द्र गंगवार। जो जो गई