मा0 स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों से माधौटांडा में स्थित गोमती उद्गम स्थल का होगा सौंदर्यीकरण।स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस कार्य की सराहना की
पीलीभीत 03 अप्रैल 2025/ मा0 स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद के प्रयासों के परिणामस्वरूप जनपद के माधोटांडा स्थित गोमती नदी के उद्गम स्थल के सौंदर्याकरण एवं संरक्षण हेतु केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के एक दल को वास्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करने हेतु भेजा गया है, इस दल की रिपोर्ट के आधार पर जलशक्ति मंत्रालय द्वारा गोमती उद्गम स्थल के सौंदर्याकरण एवं पुनुरुद्धार करने हेतु कार्यवाही की जायेगी।
गोमती नदी उत्तर भारत की एक प्रमुख नदी है, जिसका उद्गम जिले के माधोटांडा कस्बे के समीप स्थित है। वर्षों से यह स्थल उपेक्षित रहा है, जिसके पनुर्रुद्धार हेतु स्थानीय सांसद श्री जितिन प्रसाद जी ने केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री को इस स्थल के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु एक पत्र प्रेषित किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा अधिकारियों के इस दल का गठन किया गया है। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का यह दल इस ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर के पुनर्राेद्धार करने और इसके पर्यटन एवं धार्मिक महत्व को बढ़ाने के उद्देश्य से अगले तीन दिन तक इस स्थल का मुआयना करेगा एवं अपनी विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को प्रस्तुत करेगा। अधिकारियों का यह दल गोमती उद्गम की स्थलीय परीक्षण कर स्थल के सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और आधारभूत संरचना के विकास कार्यों के सम्बन्ध में कार्यवाही हेतु जांच आख्या प्रस्तुत करेगा, जिसके उपरान्त गोमती उद्गम स्थल को संरक्षित करने के लिए कार्य किये जायेंगे।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि गोमती नदी हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। इसका संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण हमारी प्राथमिकता है, जिससे आने वाली पीढियों को भी इसका लाभ मिल सके।
इस पहल से गोमती उद्गम स्थल को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री श्री जितिन प्रसाद को गोमती उद्गम स्थल के संरक्षण कराने के दिशा में किये जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की है।