रिपोर्टर मायाराम वर्मा
पीलीभीत दियूनी केसरपुर में रोडवेज बनाए जाने का हिन्दू महासभा ने किया विरोध शहरवासियों के साथ राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौपा ज्ञापन
पीलीभीत। शहर से 8 किलोमीटर दूर सुनसान रोड पर रोडवेज बस अड्डा बनाए जाने के प्रस्ताव को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा एवं शहरवासियों ने जोरदार तरीके से इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका एकमत कहना है कि यह स्थान शहर के बाहरी हिस्से में होने से यात्रियों के लिए असुविधाजनक होगा और इसका उद्देश्य कुछ विशेष लोगों को लाभ पहुंचाना प्रतीत होता है इसको लेकर हिन्दू महासभा ने गुरुवार को शहरवासियों के साथ राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
हिन्दू महासभा ने ज्ञापन में कहा है कि जो रोडवेज कचहरी के आगे दियुनी केसरपुर में बनाया जा रहा है वह गलत है क्योंकि वह जगह शहर से बहुत दूर है शहर के लोग वहां तक कैसे जाएंगे। हिन्दू महासभा ने पूर्व में जिलाधिकारी को जगह बताई है कि सरकार की जमीन घन्नई तालाब के पास लकड़ी मंडी में फौजी पड़ाव की जगह पर आरा मशीन संचालकों ने कब्जा करी हुई है तो वहां जगह को कब्जा मुक्त कराते हुए रोडवेज क्यों नहीं बनाया जा रहा है। जो बुजुर्ग एवं महिलाएं हैं वह कैसे कचहरी से आगे रात में जाएंगे। कहा है कि शहर से अधिकतर लोग पश्चिम दिशा की ओर जैसे बरेली, दिल्ली ज्यादा जाते हैं और बस अड्डा शहर के उत्तर में लगभग 8 किलोमीटर दूर बनेगा जो बिल्कुल विपरीत है। शहर के लोगों को बाहर जाने के लिए उल्टा जाना पड़ेगा। अभी बरेली जाने के लिए डेढ़ से 2 घंटे लगते हैं फिर आधे से पौन घंटा और ज्यादा लगेगा। आसाम चौराहे से कई दिशाओं मे सड़कें जाती हैँ जैसे पूरनपुर, शाहजहांपुर, बरेली, हरिद्वार, माधोटांडा और टनकपुर की ओर। इसलिए यह हर तरफ जाने का केंद्र है। एक तो शहर से बाहर दियुनी केसरपुर होने से रात में निकलना सुरक्षित नहीं है वहीं दूसरी ओर शहर वासियों को आने जाने का अतिरिक्त कम से कम 50 से 100 रूपये प्रति सवारी ऑटो या ई रिक्शा का खर्च करना होगा। साथ ही बसों का किराया भी कम से कम 15 रूपये प्रति सवारी बढ़ेगा। इसलिए वहां रोडवेज बनने से हर प्रकार से दिक्कतें ही बढ़ेंगी। ऐसे में रोडवेज बस स्टेशन पुराने स्थान या आसाम चौराहे के आस पास ही बनाने की मांग की गई है।
हिन्दू महासभा ने कहा कि शहर में हिन्दू महासभा ने जो लकड़ी मंडी में फौजी पड़ाव की जगह बताई है वो रोडवेज के लिए सबसे उपयुक्त जगह है हिन्दू महासभा ने प्रशासन द्वारा उस कब्जे की सरकारी संपत्ति को कब्जा मुक्त कराते हुए उस पर रोडवेज का निर्माण कराने की मांग की है कहा है कि रोडवेज बस अड्डा घन्नई ताल पर स्थित फौजी पड़ाव आरा मशीन की जगह पर बनाया जाए और मौजूदा बस स्टैंड को रोडवेज वर्कशॉप बना दिया जाए दोनों जगह बिल्कुल सही जगह पर जनमानस के हितों के लिए स्थित रहेंगी और यही मांग शहर के सभी लोगों की भी है।
प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने कहा कि राज्यपाल को गुमराह करते हुए यह प्रस्ताव पास कराया गया है जहां पर रोडवेज बनाने के लिए प्रस्ताव पास कराया गया है वहां पर कुछ नेताओं की जमीन की प्लाटिंग चल रही है उनकी कीमतें बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है आम जनमानस के हितों को नहीं देखा गया। कुछ जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपनी मनमर्जी आम जनमानस के ऊपर थोपी जा रही है जो आने वाले समय में सरकार के भारी विरोध का कारण बनेगी।
जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने कहा कि दियूनी केसरपुर से अच्छा है जहां रोडवेज मौजूद है वहीं रहे किसी को कोई दिक्कत नहीं है और कोई जाम नहीं लगता है आम पब्लिक शहर के सभी लोग कह रहे हैं कि इतनी दूर से अच्छा जहां रोडवेज मौजूद है वहीं रहने दिया जाए। वहां नहीं जाना चाहिए यदि रोडवेज वहां जाता है तो सभी शहर के लोगों के साथ संगठन इसका विरोध करेगा।
जिला महामंत्री मयंक जायसवाल ने कहा कि यह मुद्दा पब्लिक द्वारा बार बार संगठन से मांग करने के कारण संगठन द्वारा उठाया गया है। शहर के कई लोगो ने विशेषतः हिन्दू महिलाओ ने संगठन से इसका विरोध करके वहां रोडवेज का निर्माण रोकने और लकड़ी मंडी में स्थित सरकारी सम्पत्ति को खाली करा कर यहां बनवाने को कहा है।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा, जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा, जिला महामंत्री मयंक जायसवाल, युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, सुनील कश्यप, हरिओम मिश्रा, सतीश पांडेय, ठाकुर अर्जुन सिंह, अजय शर्मा, राहुल राठौर, अनिल कुमार, जितेंद्र मौर्य, मयंक जायसवाल, प्रकाश अग्निहोत्री, सुभाष, महिला जिला महामंत्री कविता वंशवाल आदि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।